आइए जानते हैं..क्या होता है चंद्र मास और सौर मास?
ऋषिकेश। सुदीप कपरूवाण। 13 जुलाई 2025
ज्योतिष की दृष्टि से प्रायः दो मास माने जाते हैं।
चंद्र मास और सौर मास।
व्यवहारिक रूप से चंद्र मास मैदानी क्षेत्रों में अधिक प्रभावशाली माना जाता है।
वहीं सौर मास को पर्वतीय क्षेत्रों में जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और नेपाल में अधिक प्रभावशाली माना जाता है। आचार्यों की दृष्टि से श्रावण मास भी दो प्रकार से व्यावहारिक होते हैं।
चन्द्र और सौर।
:श्रावण चंद्र मास 11 जुलाई से 9 अगस्त तक रहेगा।
जबकि श्रावण सौर मास 16 जुलाई से 16 अगस्त तक रहेगा।
मैदानी क्षेत्रों में इस श्रावण मास (चंद्र मास) में कुल 4 सोमवार पड़ेंगे।
:मासिक शिवरात्रि 23 जुलाई को है।
: हरियाली अमावस्या 24 जुलाई को होगी।
:नाग पंचमी 29 जुलाई को होगी।
:रक्षाबंधन 9 अगस्त को होगा।
क्या है चंद्र मास और सौर मास
आइए जानते हैं:
चंद्र मास पूर्णिमा से पूर्णिमा के मध्य कोई पर्व आता है तो उसे चंद्र मास के दौर में गिना जाता है। चंद्र मास 11 जुलाई से प्रारंभ होकर 9 अगस्त तक रहेगा।
सौर मास संक्रांति में सूर्य जब अपनी राशि परिवर्तन करता है एवं दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो उसे सौर मास कहा जाता है।
सौर मास 16 जुलाई से 16 अगस्त तक रहेगा।
आचार्य अमित कोठारी संपर्क सूत्र :- 8800239899

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