कर्तव्यों का निर्वहन शुद्ध अंतःकरण से हो:प्रो प्रणिता नंद
ऋषिकेश। 26 जनवरी 2026
हमें अपने कर्तव्यों का निर्वहन शुद्ध अंतः करण से करना चाहिए जो कि गणतंत्र और स्वतंत्रता के सही मायनों को परिभाषित करता है। यह विचार प्रोफेसर प्रणिता नंद प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय नरेंद्र नगर ने 77 वें गणतंत्र दिवस पर कॉलेज परिवार को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।

बताते चलें कि आज 77 वें गणतंत्र दिवस की शुभ बेला पर कॉलेज में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। प्रातः 9:30 बजे प्राचार्य ने कालेज प्रांगण में ध्वजा फहराया।इसके उपरांत डॉ विक्रम सिंह बर्त्वाल ने प्रभारी निदेशक ,उच्च शिक्षा निदेशालय,उत्तराखंड का कार्मिकों को प्रेषित शुभकामना एवं लक्ष्य केंद्रित संदेश महाविद्यालय परिवार को पढ़कर सुनाया।
भाषण एवं देशभक्ति गीत कार्यक्रम के अंतर्गत कॉलेज कार्मिकों ने भी गणतंत्र दिवस के बारे में अपने विचार व्यक्त किये। पर्यटन अध्ययन विभाग के प्राध्यापक डॉ विजय प्रकाश भट्ट ने कहा कि आज ही के दिन हमने आजाद भारत में अपने नीति नियमों के पावन ग्रंथ संविधान को अंगीकार किया था। प्रधान सहायक सुरभि दास ने कहा कि अपने कर्तव्यों का पालन करना ही सच्ची देश सेवा है। उन्होंने इस अवसर पर ‘कैफी आजमी’ द्वारा लिखित गीत अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों…. गाकर सुनाया।
डॉ विक्रम सिंह बर्तवाल ने कहा कि संविधान हमें देश की सीमाओं,देश की व्यवस्थाओं के साथ संप्रभुता की मानसिक और भौतिक स्वतंत्रता का एहसास देता है। इस अवसर पर भारत के शहीदों अमर रहे के नारे लगाए गये। कार्यक्रम में कॉलेज कार्मिक मुनेंद्र कुमार, गणेश चंद्र पांडे,सत्येंद्र कुमार, भूपेंद्र खाती,शिशुपाल रावत, लक्ष्मी कठैत, अनूप नेगी, रमेश पुंडीर, शीशपाल भंडारी,अजय पुंडीर,शमशेर चौहान,रमा बिष्ट, संजीव कश्यप, मनीष एवं स्थानीय नागरिक विशेष रूप से मौजूद रहे कार्यक्रमों का संचालन डॉ विक्रम सिंह बर्त्वाल ने किया।

मालदेवता महाविद्यालय में वार्षिक क्रीड़ा बजट पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता में नवप्रवेशित छात्रों का ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम आयोजित
असंतुलित जीवन शैली दुखों का कारण, योग से निवारण: प्रो० नेगी
नरेंद्र नगर महाविद्यालय में स्थापित की जाएगी विवेकानंद और सरस्वती की मूर्तियां
टिहरी राजशाही के विरुद्ध संघर्ष के अग्रदूत श्री देव सुमन की पुण्यतिथि मनाई गई
निर्वाचन पर्यवेक्षकों के लिए आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कॉलेज प्राध्यापकों ने किया प्रतिभाग