धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर में हिंदी विभाग एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस की धूम
ऋषिकेश
धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर में हिंदी विभाग एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस धूमधाम से मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विजय सिंह नेगी ने किया। अपने स्वागत उद्बोधन में उन्होंने कहा कि हिंदी करोड़ों भारतीयों की पहचान है और आज जरूरत है कि इस समृद्ध भाषा को, इसकी विरासत को बोलचाल में जीवंत रखा जाए।

कार्यक्रम के सूत्रधार हिंदी विभाग प्रभारी जितेंद्र नौटियाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और डिजिटल तकनीक के भाषागत प्रभाव के लाभ-हानि से अवगत कराया। इस अवसर पर हिमवंत कवि चंद्र कुंवर बर्त्वाल की 80वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
छात्रों ने कविताओं से बांधा समां
कार्यक्रम में छात्रों ने हिंदी भाषा के वर्तमान और भविष्य पर अपने विचार रखे। बी.कॉम प्रथम वर्ष की छात्रा हिमांशी भंडारी ने ‘हिंदी की व्यथा’ और बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा रानी पुंडीर ने ‘पलायन करते गांव’ कविता के माध्यम से पहाड़ों की वेदना को उकेरा।
वहीं प्राध्यापकों ने भी काव्य पाठ किया। डॉ. बर्त्वाल ने ‘जागो रे जागो’, डॉ. आशा डोभाल ने हास्य कविता, डॉ. सोनी तिलारा ने ‘भारत माता के मस्तक की बिंदी’ और पत्रकारिता विभाग प्रभारी डॉ. सृचना सचदेवा ने प्रकृति को समर्पित कविता प्रस्तुत की।

कविता पाठ प्रतियोगिता में हिमांशी भंडारी ने प्रथम, रानी पुंडीर ने द्वितीय और प्रमिला रमोला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में डॉ. विजय प्रकाश भट्ट, डॉ. सुधा रानी और डॉ. सोनी तिलारा शामिल रहे।
इस अवसर पर डॉ. दलीप बिष्ट, डॉ. भगवती प्रसाद सहित समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे

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