नरेंद्रनगर महाविद्यालय में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर ऑनलाइन व्याख्यान, विशेषज्ञ बोलीं- बच्चों को समय दें अभिभावक
नरेंद्रनगर।
धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर के मनोविज्ञान विभाग और मानसिक स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर “Parenting and Social Media: Prevention of Suicide” विषय पर ऑनलाइन जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. माधवी अवस्थी, नैदानिक मनोवैज्ञानिक एवं निदेशक स्टेप अप रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी क्लिनिक ने कहा कि अभिभावकों को बच्चों और युवाओं के मनोविज्ञान को समझना चाहिए। बच्चों को समय देना सकारात्मक पेरेंटिंग का मूल है। बच्चों में चिड़चिड़ापन, आत्मविश्वास की कमी जैसे बदलावों को रेड फ्लैग के रूप में देखना चाहिए। सतर्कता और परामर्श से आत्महत्या को रोका जा सकता है। सोशल मीडिया पर बढ़ती निर्भरता भी घातक कदम की ओर ले जाती है। प्राचार्य प्रो. विजय सिंह नेगी ने आत्महत्या को वैश्विक चुनौती बताते हुए बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। मनोविज्ञान विभाग प्रभारी डॉ. रंजीता जौहरी ने दिवस की पृष्ठभूमि और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।संचालन मानसिक स्वास्थ्य समिति की संयोजिका डॉ. सोनी तिलारा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संजय सिंह ने किया। कार्यक्रम में सभी प्राध्यापक, कर्मचारी, अभिभावक और छात्र-छात्राएं गूगल मीट के माध्यम से जुड़े रहे।

हिमालय दिवस पर नरेंद्रनगर महाविद्यालय में स्वच्छता और जागरूकता कार्यक्रम
पारंपरिक भोजन हमारी शान, स्वस्थ शरीर और संस्कृतिक पहचान : डॉ. डिंपल भट्ट
चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 49 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे
उद्यमिता आज के युवाओं के लिए रोजगार के साथ आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: प्रो. विनोद अग्रवाल
संतुलित आहार स्वस्थ जीवन का आधार: डॉ. डिम्पल भट्ट
वैज्ञानिक, तकनीकी क्षमता एवं संस्कृतिक आत्मविश्वास का समन्वय विकसित भारत की नीव: प्रोफेसर दत्ता