संतुलित आहार स्वस्थ जीवन का आधार: डॉ. डिम्पल भट्ट
देहरादून, 2 सितंबर।
संतुलित आहार स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। विद्यार्थियों को पोषण संबंधी ज्ञान स्वयं तक सीमित न रखकर परिवार और समुदाय तक पहुँचाना चाहिए, ताकि समाज में सही खान-पान एवं उत्तम पोषण के प्रति जागरूकता विकसित हो सके। यह बात राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के उपलक्ष्य में मालदेवता स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. डिम्पल भट्ट ने कही।
महाविद्यालय के गृह विज्ञान संकाय द्वारा “उत्तम पोषण एवं संतुलित आहार” विषय पर आयोजित रंगोली प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में उचित पोषण एवं स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा उन्हें समाज में पोषण जागरूकता के संवाहक के रूप में प्रेरित करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. डिम्पल भट्ट ने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पोषण संबंधी जानकारी को अपने परिवार, आसपास के लोगों और समुदाय तक पहुँचाकर जागरूकता अभियान का हिस्सा बनें।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. वी. पी. अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पोषण जागरूकता को जनसामान्य तक पहुँचाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय स्तर के साथ-साथ निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में भी पोषण जागरूकता अभियान संचालित करने के लिए प्रेरित किया।
मानव विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुमन गुसाईं ने उत्तम पोषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों एवं आसपास के क्षेत्रों की पोषण स्थिति के आकलन में मानवमिति की उपयोगिता बताई। वहीं डॉ. विनोद शाह, सहायक प्राध्यापक, मानव विज्ञान विभाग ने विद्यार्थियों को ऐसे शोध एवं अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया, जिनका समाज पर सकारात्मक एवं सार्थक प्रभाव पड़े।
रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए रंगों के माध्यम से संतुलित आहार, उत्तम पोषण एवं स्वस्थ जीवन का संदेश प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में खुशबू थापा एवं किरण ने प्रथम, अंकिशा एवं हिमांशी ने द्वितीय तथा नैंसी रावत एवं आयुषी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता का निर्णयन डॉ. रेखा सिंह, डॉ. मधुबाला जवाठा एवं डॉ. लीना रावत ने किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के साथ समाज को “सही पोषण, स्वस्थ समाज” का सार्थक संदेश दिया।

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