राजकीय महाविद्यालय नई टिहरी में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर कई कार्यक्रमों का आयोजन
ऋषिकेश। 1 मार्च 2026
—————————
स्नातकोत्तर महाविद्यालय नई टिहरी में वर्ष 2026 का राष्ट्रीय विज्ञान दिवस गणित विभाग एवं भौतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर विज्ञान के प्रति अपनी जिज्ञासा और प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता से हुआ, जिसमें विज्ञान के विभिन्न आयामों से संबंधित प्रश्न पूछे गए। प्रतिभागियों ने वैज्ञानिक तथ्यों, सिद्धांतों तथा समसामयिक वैज्ञानिक प्रगति से जुड़े प्रश्नों के सटीक उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके उपरांत ‘आधुनिक विज्ञान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सकारात्मक एवं नकारात्मक पहलुओं पर तार्किक और प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए।
विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान तथा दैनिक जीवन में AI की उपयोगिता पर सारगर्भित तर्क रखे।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर पुष्पा नेगी ने छात्र-छात्राओं को विज्ञान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान युग विज्ञान और तकनीक का युग है, तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आने वाले समय में समाज और शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगी। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच अपनाने और अनुसंधान की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।
भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार त्यागी ने विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सी. वी. रमन के वैज्ञानिक योगदानों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि रमन द्वारा खोजा गया रमन प्रभाव भारतीय विज्ञान की विश्व पटल पर ऐतिहासिक उपलब्धि है और इसी उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है।
गणित विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप बहुगुणा ने प्रोफेसर रमन के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान पद्धति की चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को जिज्ञासु और प्रयोगशील बनने की प्रेरणा दी। गणित विभाग के श्री सुभाष चंद्र नौटियाल ने वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती आवश्यकता पर अपने विचार रखे। श्री दिनेश चंद्र ने AI के विभिन्न माध्यमों, जैसे ChatGPT आदि, के शैक्षिक उपयोगों पर प्रकाश डाला।
भौतिक विज्ञान विभाग के श्री अजय बहुगुणा ने एडवांस AI की कार्यशैली को सरल शब्दों में समझाते हुए बताया कि किस प्रकार मशीन लर्निंग और डेटा विश्लेषण के माध्यम से जटिल समस्याओं का समाधान संभव हो रहा है। इस अवसर पर भूगोल विभाग के डॉ. जयेंद्र सजवान, डॉ. विजय राज उनियाल तथा जियोलॉजी विभाग के डॉ. भक्त दर्शन सिंह नेगी ने भी विज्ञान एवं तकनीक की समसामयिक प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
प्रतियोगिताओं के परिणाम भी घोषित किए गए। क्विज प्रतियोगिता में रंजना सेमवाल (बी.एस.सी. छठा सेमेस्टर) एवं आशीष नेगी (एम.एस.सी. चतुर्थ सेमेस्टर) ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान गंगा विष्णु, शुभम देव एवं वत्सल नौटियाल को प्राप्त हुआ, जबकि इस्तियाक ने तृतीय स्थान हासिल किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में तनीषा बिष्ट, रंजना सेमवाल एवं सृष्टि चौहान विजेता रहे, वहीं आरती एवं योगिता को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। गणित एवं भौतिक विज्ञान विभाग के सभी छात्र-छात्राओं की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को सफल बनाया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के इस आयोजन ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रति जागरूकता को और सुदृढ़ किया।

गतिशक्ति जैसी परियोजनाएं विकसित भारत के लिए मील का पत्थर साबित होंगी:प्रोफेसर वर्मा
ए आई और सोशल मीडिया के दौर में सूझबूझ से काम करना होगा: सुबोध उनियाल
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस: बधाणी, सलाणी, नागपुरी, कुमाऊनी, जौनसारी लोक भाषाओं पर चर्चा
मालदेवता कॉलेज में यूकोस्ट प्रायोजित आईपीआर व्याख्यान श्रृंखला के सातवां सत्र का आयोजन।
व्यावहारिक प्रशिक्षण से वित्तीय आत्मविश्वास जगाएं -डॉ रावत
बौद्धिक संपदा संरक्षण पर महाविद्यालय डाकपत्थर एवं यूकास्ट के व्याख्यान माला का आयोजन