नई टिहरी में देवभूमि उद्यमिता योजना का ओरिएंटेशन, युवाओं को स्वरोजगार का मंत्र
उद्यमिता से युवाओं को मिलेगी स्वरोजगार की राह
नई टिहरी
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नई टिहरी में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता, स्वरोजगार और स्टार्टअप के अवसरों से परिचित कराते हुए उन्हें रोजगार तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रीति कुमारी ने कहा कि बदलते आर्थिक परिदृश्य में युवाओं के लिए उद्यमिता एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कौशल और रुचि के अनुरूप नए अवसर तलाशने तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने देवभूमि उद्यमिता योजना को युवाओं में अपनी कौशालानुसार उद्यमशीलता विकसित करने की महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम में देवभूमि उद्यमिता के प्रोजेक्ट मैनेजर दिग्विजय सिंह ने उद्यमिता पर विस्तृत व्याख्यान दिया। साथ ही विद्यार्थियों को बिजनेस आइडिया की पहचान, नवाचार, स्टार्टअप की संभावनाओं और स्वरोजगार के विभिन्न विकल्पों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि एक सफल उद्यमी के लिए केवल पूंजी ही नहीं, बल्कि समस्या को समझने, समाधान खोजने, जोखिम लेने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने की क्षमता होना भी आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और स्थानीय संसाधनों के आधार पर व्यावसायिक विचार विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता को केवल व्यवसाय शुरू करने तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसे समस्याओं के समाधान, नवाचार और रोजगार सृजन के माध्यम के रूप में देखा जाना चाहिए।
योजना की नोडल अधिकारी डॉ. हिमानी ने विद्यार्थियों को देवभूमि उद्यमिता योजना के उद्देश्यों, प्रशिक्षण गतिविधियों और इसके माध्यम से उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से योजना के अंतर्गत आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने को कहा। इस अवसर पर डॉ. संजय कुमार, डॉ.पी.सी. पेनूली, डॉ. रंजना सिंह और डॉ. डी.के. भाटिया सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उद्यमिता और स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की तथा अपनी जिज्ञासाएं और विचार भी साझा किए। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने के संकल्प के साथ हुआ।
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