गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादे बाबा फतेह सिंह एवं बाबा जोरावर सिंह की शहादत को किया याद।
मालदेवता। 26 दिसंबर 2025
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मालदेवता में आज दिनांक 26 दिसंबर 2025 को सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादे बाबा फतेह सिंह एवं बाबा जोरावर सिंह की शहादत को स्मरण करते हुए वीर बाल दिवस का आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर विनोद प्रकाश अग्रवाल ने की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. अग्रवाल ने कहा कि वीर बाल दिवस बहादुरी, शक्ति, सच्चाई और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रतीक है। यह दिवस हमें साहस, अटूट विश्वास तथा विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य के पक्ष में खड़े रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने उत्तराखंड में हाल ही में हुए भालू हमले का उदाहरण देते हुए अपने मित्र की सहायता करने वाले छात्र के साहसिक कार्य का उल्लेख किया और युवाओं से मानवता एवं निडरता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रोफेसर एम. एस. पंवार ने शहीदी सप्ताह के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि अपने धर्म, संस्कृति और मूल्यों की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुमन सिंह गुसाईं ने वीर बाल दिवस के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिवस बच्चों और युवाओं को साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करता है तथा सत्य और आत्मसम्मान के लिए दृढ़ता से खड़े होने का संदेश देता है।
राष्ट्रीय सेवा योजना की सदस्य डॉ. श्रुति चौकियाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वीर बाल दिवस भारत के भविष्य की नींव माने जाने वाले बच्चों को सम्मानित करने वाला एक राष्ट्रव्यापी उत्सव है, जो उनमें देशभक्ति एवं नैतिक मूल्यों का संचार करता है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रोफेसर यतीश वशिष्ठ एवं डॉ. कपिल सेमवाल ने भी अपने विचार रखते हुए साहिबजादों के बलिदान को भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. विनोद कुमार साह द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन में छात्र-छात्राओं को सत्य, साहस और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए वीर बाल दिवस को जीवनमूल्यों का सशक्त स्रोत बताया गया।

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