गतिशक्ति जैसी परियोजनाएं विकसित भारत के लिए मील का पत्थर साबित होंगी:प्रोफेसर वर्मा
ऋषिकेश।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़कोट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अंजू भट्ट ने कहा कि देश में 14 से 18 वर्ष के युवाओं की 25% आबादी आज भी दूसरी कक्षा की पुस्तक को नहीं पढ़ सकते हैं, इसलिए युवा केंद्रित विकसित भारत के लिए शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत बनाना आवश्यक है इसके लिए उन्होंने सभी के लिए समावेशी सिद्धांत पर समान शिक्षा की वकालत की है।

ऋषिकेश परिसर के प्रो अशोक मैंदोला ने विकसित भारत के लिए भाषाओं के संरक्षण की आवश्यकता बताई।
‘विजन फार विकसित भारत @ 2047’विषय पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय दिन 7 शोधार्थियों ने ऑफलाइन तथा लगभग 100 शोधार्थियों ने ऑन-लाइन मोड में अपने शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया।

ऑफलाइन मोड में एम पीजी कॉलेज मसूरी से अरविंद उनियाल और सुमित्रा ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से निखिल विश्वास,कौंग यौंग एवं शांभवी ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से माधुरी उनियाल ने तथा दिल्ली विश्वविद्यालय से डॉ रेनू कीर ने अपने शोध पत्र को प्रस्तुत किया। सत्र को चेयर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो अमनदीप कौर, गुरु राम राय विश्वविद्यालय देहरादून की डॉ दिव्या वर्मा एवं को-चेयर के रूप में डॉ नेहा घड़ियाल ने किया।
इससे पूर्व संगोष्ठी की संरक्षक एवं कार्यक्रम की अध्यक्ष प्रो प्रणितानंद ने सभी शोधार्थियों का स्वागत करते हुए विकसित भारत के लिए अन्नदाता किसानों के लिए विशेष योजनाएं बनाये जाने पर जोर दिया। संगोष्ठी आयोजकों द्वारा सभी का स्मृति चिन्ह एवं शाल ओढ़ाकर कर स्वागत किया गया।बताते चलें कि संगोष्ठी का आयोजन करियर काउंसलिंग एवं स्किल डेवलपमेंट सेल वाणिज्य,अर्थशास्त्र एवं रसायन शास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है।

संगोष्ठी में राजकीय महाविद्यालय बड़कोट की डॉ रश्मि उनियाल, कोटद्वार कॉलेज से डॉ संजय मदान,कॉलेज के सभी प्राध्यापक, कर्मचारी छात्र एवं शोधार्थी मौजूद रहे कार्यक्रमों की सफल संपादन के लिए संगोष्ठी संयोजक डॉ संजय कुमार ने सभी का आभार प्रकट किया। शोध पत्रों की प्रस्तुति के सूत्रधार के रूप में डॉ संजय महर ने अहम भूमिका निभाई। यह जानकारी कॉलेज मीडिया सेल के डॉ विक्रम सिंह बर्त्वाल ने दी है।

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